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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
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सर्ग 3: हनुमान जी का श्रीराम और लक्ष्मण से वन में आने का कारण पूछना और अपना तथा सुग्रीव का परिचय देना
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श्लोक 21
श्लोक
4.3.21
प्राप्तोऽहं प्रेषितस्तेन सुग्रीवेण महात्मना।
राज्ञा वानरमुख्यानां हनुमान् नाम वानर:॥ २१॥
अनुवाद
मैं उन वानर-मुख वाले महापुरुषों के राजा सुग्रीव के कारण यहाँ आया हूँ। मेरा नाम हनुमान है। मैं भी वानर जाति का हूँ॥ 21॥
‘I have come here because of the King of those monkey-headed great men, Sugreeva. My name is Hanuman. I too am of the monkey race.॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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