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श्लोक 4.29.32  |
त्रिपञ्चरात्रादूर्ध्वं य: प्राप्नुयादिह वानर:।
तस्य प्राणान्तिको दण्डो नात्र कार्या विचारणा॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| जो बन्दर पंद्रह दिन बाद यहाँ पहुँचेगा, उसे प्राणदण्ड दिया जाएगा। इसमें कोई संदेह नहीं करना चाहिए॥ 32॥ |
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| The monkey who reaches here after fifteen days will be given death penalty. There should be no second thoughts in this.॥ 32॥ |
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