Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.29.28: सुग्रीव सत्त्वगुण से संपन्न थे। हनुमानजी के द्वारा उचित समय पर तथा उचित रीति से कहे गए उपरोक्त वचनों को सुनकर उन्होंने भगवान राम का कार्य सिद्ध करने का बहुत अच्छा निश्चय किया॥ 28॥   |   ramayan सर्ग 4.29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  4.29.28 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा काले साधु निरूपितम्।
सुग्रीव: सत्त्वसम्पन्नश्चकार मतिमुत्तमाम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव सत्त्वगुण से संपन्न थे। हनुमानजी के द्वारा उचित समय पर तथा उचित रीति से कहे गए उपरोक्त वचनों को सुनकर उन्होंने भगवान राम का कार्य सिद्ध करने का बहुत अच्छा निश्चय किया॥ 28॥
 
Sugreeva was endowed with Sattva Guna. After listening to the above words spoken by Hanuman at the right time and in the right manner, he made a very good decision to accomplish the task of Lord Rama.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)