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ramayan 4.29.24: देवता, दानव, गन्धर्व, असुर, मरुद्गण और यक्ष भी श्री रामजी को नहीं डरा सकते; फिर दानवों की बिसात क्या है? 24॥   |   ramayan सर्ग 4.29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.29.24 
देवदानवगन्धर्वा असुरा: समरुद‍्गणा:।
न च यक्षा भयं तस्य कुर्यु: किमिव राक्षसा:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
देवता, दानव, गन्धर्व, असुर, मरुद्गण और यक्ष भी श्री रामजी को नहीं डरा सकते; फिर दानवों की बिसात क्या है? 24॥
 
Even Gods, Demons, Gandharvas, Asuras, Marudgans and Yakshas cannot cause fear to Shri Ram; Then what is the chessboard of demons? 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)