Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.29.17-18: 'वानरराज! भगवान् श्री राम आपके दीर्घकाल तक मित्र रहेंगे। वे आपके समृद्ध कुल की समृद्धि के लिए हैं। उनका प्रभाव अतुलनीय है। गुणों में वे अद्वितीय हैं। अब आप उनका कार्य पूर्ण करें; क्योंकि उन्होंने आपका कार्य पहले ही पूर्ण कर दिया है। आप इस कार्य के लिए प्रमुख वानरों को आदेश दें।॥ 17-18॥ | ramayan सर्ग 4.29: हनुमान जी के समझाने से सुग्रीव का नील को वानर-सैनिकों को एकत्र करने का आदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'वानरराज! भगवान् श्री राम आपके दीर्घकाल तक मित्र रहेंगे। वे आपके समृद्ध कुल की समृद्धि के लिए हैं। उनका प्रभाव अतुलनीय है। गुणों में वे अद्वितीय हैं। अब आप उनका कार्य पूर्ण करें; क्योंकि उन्होंने आपका कार्य पहले ही पूर्ण कर दिया है। आप इस कार्य के लिए प्रमुख वानरों को आदेश दें।॥ 17-18॥
‘Monkey King! Lord Shri Ram is going to be your friend for a long time. He is for the prosperity of your prosperous clan. His influence is incomparable. He is without equal in qualities. Now you complete his work; because he has already completed your work. You should order the chief monkeys for this work.॥ 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥