श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 28: श्रीराम के द्वारा वर्षा-ऋतु का वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.28.19 
रसाकुलं षट्पदसंनिकाशं
प्रभुज्यते जम्बुफलं प्रकामम्।
अनेकवर्णं पवनावधूतं
भूमौ पतत्याम्रफलं विपक्वम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इन दिनों लोग जामुन के वृक्ष के रसीले फल, जो काली मक्खियों के समान दिखाई देते हैं, जी भरकर खाते हैं और पके हुए, रंग-बिरंगे आम के फल वायु के वेग से हिलकर पृथ्वी पर गिरते रहते हैं॥19॥
 
‘These days people eat the juicy fruits of the jamun tree, which look like black bees, to their heart's content, and the ripe, multicoloured mango fruits, moved by the force of the wind, keep falling on the earth.॥ 19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd