Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.27.36: ‘यदि तू शोक के कारण प्रयत्न छोड़ देगा, तो वीरता के स्थान पर समरांगण में दुष्ट कर्म करने वाले शत्रु को, जो विशेषतः राक्षस है, नहीं मार सकेगा ॥36॥ | ramayan सर्ग 4.27: प्रस्रवणगिरि पर श्रीराम और लक्ष्मण की परस्पर बातचीत । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘यदि तू शोक के कारण प्रयत्न छोड़ देगा, तो वीरता के स्थान पर समरांगण में दुष्ट कर्म करने वाले शत्रु को, जो विशेषतः राक्षस है, नहीं मार सकेगा ॥36॥
‘If you leave the endeavor due to grief, then instead of bravery, you will not be able to kill the enemy, who is especially a demon, who does evil deeds in Samarangana. 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥