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ramayan 4.27.22: कहीं वह नीले कमलों से आच्छादित है, कहीं लाल कमलों से सुशोभित है और कहीं श्वेत एवं दिव्य कुमुदिनियों से सुशोभित है॥ 22॥   |   ramayan सर्ग 4.27: प्रस्रवणगिरि पर श्रीराम और लक्ष्मण की परस्पर बातचीत   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.27.22 
क्वचिन्नीलोत्पलैश्छन्ना भातिरक्तोत्पलै: क्वचित्।
क्वचिदाभाति शुक्लैश्च दिव्यै: कुमुदकुड्मलै:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
कहीं वह नीले कमलों से आच्छादित है, कहीं लाल कमलों से सुशोभित है और कहीं श्वेत एवं दिव्य कुमुदिनियों से सुशोभित है॥ 22॥
 
‘Somewhere it is covered with blue lotuses, somewhere it is decorated with red lotuses and somewhere it is adorned with white and divine lilies.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)