vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
»
सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक
»
श्लोक 39
श्लोक
4.26.39
अङ्गदे चाभिषिक्ते तु सानुक्रोशा: प्लवंगमा:।
साधु साध्विति सुग्रीवं महात्मानो ह्यपूजयन्॥ ३९॥
अनुवाद
अंगद के अभिषेक के बाद महान मनस्वी, दयालु वानर, सुग्रीव को 'साधु-साधु' कहकर उनकी स्तुति करने लगे।
After the consecration of Angad, the great manasvi, the kind monkey, started praising Sugriva by calling him 'Sadhu-Sadhu'.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd