श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 26: हनुमान जी का सुग्रीव के अभिषेक के लिये श्रीरामचन्द्रजी से किष्किन्धा में पधारने की प्रार्थना, तत्पश्चात् सुग्रीव और अङ्गद का अभिषेक  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  4.26.39 
अङ्गदे चाभिषिक्ते तु सानुक्रोशा: प्लवंगमा:।
साधु साध्विति सुग्रीवं महात्मानो ह्यपूजयन्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
अंगद के अभिषेक के बाद महान मनस्वी, दयालु वानर, सुग्रीव को 'साधु-साधु' कहकर उनकी स्तुति करने लगे।
 
After the consecration of Angad, the great manasvi, the kind monkey, started praising Sugriva by calling him 'Sadhu-Sadhu'.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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