Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.25.54: इस प्रकार महान इक्ष्वाकुवंशी योद्धा के बाण से मारे गए, प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी, परम पराक्रमी बालि का अन्तिम संस्कार करके, लक्ष्मण सहित सुग्रीव श्री राम के पास आए॥54॥ | ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार महान इक्ष्वाकुवंशी योद्धा के बाण से मारे गए, प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी, परम पराक्रमी बालि का अन्तिम संस्कार करके, लक्ष्मण सहित सुग्रीव श्री राम के पास आए॥54॥
Thus, after performing the last rites of the famous Vali, the most valiant and bright as blazing fire, who was killed by the arrow of the great Ikshvaku dynasty, Sugriva along with Lakshman came to Shri Ram. 54॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे पञ्चविंश: सर्ग:॥ २५॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके किष्किन्धाकाण्डमें पचीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥