Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.25.52: वहाँ अंगद को आगे करके सुग्रीव और तारा ने सब वानरों के साथ मिलकर वालि को जल पिलाया।   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  4.25.52 
ततस्ते सहितास्तत्र ह्यङ्गदं स्थाप्य चाग्रत:।
सुग्रीवतारासहिता: सिषिचुर्वालिने जलम्॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
वहाँ अंगद को आगे करके सुग्रीव और तारा ने सब वानरों के साथ मिलकर वालि को जल पिलाया।
 
There, placing Angada in front, Sugreeva and Tara along with all the monkeys offered water together to Vali.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)