Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.25.3: 'तुम सबने बहुत आँसू बहा लिए। अब उसकी कोई आवश्यकता नहीं है। सामाजिक शिष्टाचार का भी पालन करना चाहिए। समय बीत जाने पर कोई भी निर्धारित कार्य नहीं किया जा सकता (क्योंकि यदि वह कार्य उचित समय पर न किया जाए, तो उसका कोई फल नहीं मिलता)।॥3॥ | ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोकवृत्तमनुष्ठेयं कृतं वो बाष्पमोक्षणम्।
न कालादुत्तरं किंचित् कर्मशक्यमुपासितुम्॥ ३॥
अनुवाद
'तुम सबने बहुत आँसू बहा लिए। अब उसकी कोई आवश्यकता नहीं है। सामाजिक शिष्टाचार का भी पालन करना चाहिए। समय बीत जाने पर कोई भी निर्धारित कार्य नहीं किया जा सकता (क्योंकि यदि वह कार्य उचित समय पर न किया जाए, तो उसका कोई फल नहीं मिलता)।॥3॥
‘You all have shed enough tears. Now there is no need for that. Social etiquette must also be followed. No prescribed work can be done after passing time (because if it is not done at the right time, then that work does not yield any result).॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥