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ramayan 4.25.20: लक्ष्मण की बात सुनकर तारा घबरा गया और रथ लाने के लिए शीघ्रता से किष्किंधा नामक गुफा में गया।   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.25.20 
लक्ष्मणस्य वच: श्रुत्वा तार: सम्भ्रान्तमानस:।
प्रविवेश गुहां शीघ्रं शिबिकासक्तमानस:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण की बात सुनकर तारा घबरा गया और रथ लाने के लिए शीघ्रता से किष्किंधा नामक गुफा में गया।
 
Tara was in a state of panic after hearing Lakshmana's words. He quickly went to the cave called Kishkinda to bring the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)