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ramayan 4.25.14: अपने सेवकों को आदेश दीजिए कि वे बालि के दाह संस्कार के लिए बहुत सारी सूखी लकड़ी और दिव्य चंदन लेकर आएं।   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.25.14 
समाज्ञापय काष्ठानि शुष्काणि च बहूनि च।
चन्दनानि च दिव्यानि वालिसंस्कारकारणात्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
अपने सेवकों को आदेश दीजिए कि वे बालि के दाह संस्कार के लिए बहुत सारी सूखी लकड़ी और दिव्य चंदन लेकर आएं।
 
Instruct your servants to bring plenty of dry wood and divine sandalwood for Vali's cremation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)