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ramayan 4.25.13: सुग्रीव! अब तुम अंगद और तारा के साथ रहकर बालि के दाह-संस्कार का अनुष्ठान करो॥13॥   |   ramayan सर्ग 4.25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 25: श्रीराम का सुग्रीव, तारा और अङ्गद को समझाना तथा वाली के दाह-संस्कार के लिये आज्ञा प्रदान करना,अङ्गद के द्वारा उसका दाह-संस्कार कराना और उसे जलाञ्जलि देना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.25.13 
कुरु त्वमस्य सुग्रीव प्रेतकार्यमनन्तरम्।
ताराङ्गदाभ्यां सहितो वालिनो दहनं प्रति॥ १३॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव! अब तुम अंगद और तारा के साथ रहकर बालि के दाह-संस्कार का अनुष्ठान करो॥13॥
 
Sugreeva! Now you stay with Angad and Tara and perform the rituals related to Vali's cremation.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)