Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.22.31: उस समय जब वीर वानरराज बालि मारा गया, तब वन में विचरण करने वाले वानरों को वहाँ शांति नहीं मिली। जैसे सिंहों से भरे विशाल वन में बैल के मारे जाने पर गायें दुःखी हो जाती हैं, वैसी ही स्थिति उन वानरों की भी हुई। | ramayan सर्ग 4.22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हते तु वीरे प्लवगाधिपे तदा
प्लवङ्गमास्तत्र न शर्म लेभिरे।
वनेचरा: सिंहयुते महावने
यथा हि गावो निहते गवां पतौ॥ ३१॥
अनुवाद
उस समय जब वीर वानरराज बालि मारा गया, तब वन में विचरण करने वाले वानरों को वहाँ शांति नहीं मिली। जैसे सिंहों से भरे विशाल वन में बैल के मारे जाने पर गायें दुःखी हो जाती हैं, वैसी ही स्थिति उन वानरों की भी हुई।
At that time, when the brave monkey king Vali was killed, the monkeys roaming in the forests could not find peace there. Just as cows become sad when a bull is killed in a large forest infested with lions, the same happened to those monkeys. 31.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥