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ramayan 4.22.12: यह बलवान, तेजस्वी तरुण नक्षत्र कुमार अंगद युद्धभूमि में अपना पराक्रम दिखाएगा और अपने योग्य कर्म करेगा। 12॥   |   ramayan सर्ग 4.22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  4.22.12 
अनुरूपाणि कर्माणि विक्रम्य बलवान् रणे।
करिष्यत्येष तारेयस्तेजस्वी तरुणोऽङ्गद:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
यह बलवान, तेजस्वी तरुण नक्षत्र कुमार अंगद युद्धभूमि में अपना पराक्रम दिखाएगा और अपने योग्य कर्म करेगा। 12॥
 
‘This strong, bright young star Kumar Angad will display his bravery in the battlefield and perform his worthy deeds. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)