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ramayan 4.22.10: वानरराज! मेरी ही तरह आप भी इसके पिता, हितकारी, सब प्रकार से रक्षक और भय के समय रक्षा करने वाले हैं॥10॥   |   ramayan सर्ग 4.22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 22: वाली का सुग्रीव और अङ्गद से अपने मन की बात कहकर प्राणों को त्याग देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.22.10 
त्वमप्यस्य पिता दाता परित्राता च सर्वश:।
भयेष्वभयदश्चैव यथाहं प्लवगेश्वर॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वानरराज! मेरी ही तरह आप भी इसके पिता, हितकारी, सब प्रकार से रक्षक और भय के समय रक्षा करने वाले हैं॥10॥
 
Monkey King! Just like me you too are its father, benefactor, protector in every way and the one who gives protection in times of fear.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)