Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.2.12: इस प्रकार सुग्रीव के सब मंत्री पर्वतराज ऋष्यमूक के पास पहुँचे और मन को एकाग्र करके वानरराज से मिले और हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए॥12॥ | ramayan सर्ग 4.2: सुग्रीव तथा वानरों की आशङ्का, हनुमान्जी द्वारा उसका निवारण तथा सुग्रीव का हनुमान जी को श्रीराम-लक्ष्मण के पास उनका भेद लेने के लिये भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार सुग्रीव के सब मंत्री पर्वतराज ऋष्यमूक के पास पहुँचे और मन को एकाग्र करके वानरराज से मिले और हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए॥12॥
In this manner all the ministers of Sugreeva reached the mountain king Rishyamuka and after concentrating their minds they met the monkey king and stood before him with folded hands.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥