श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.19.9 
राज्यहेतो: स चेद् भ्राता भ्रात्रा क्रूरेण पातित:।
रामेण प्रहितैर्दूरान्मार्गणैर्दूरपातिभि:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यदि उस क्रूर भाई सुग्रीव ने राज्य के लोभ से राम को दूर से छोड़े हुए और दूर तक जाते हुए बाणों द्वारा अपने भाई को मारने के लिए उकसाया है, तो फिर तुम सब लोग क्यों भाग रहे हो?'॥9॥
 
If that cruel brother Sugreeva, out of greed for the kingdom, has incited Rama to kill his brother by the arrows shot by him from a distance and traveling far, then why are you all running away?'॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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