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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.19.6 
सा ददर्श ततस्त्रस्तान् हरीनापततो द्रुतम्।
यूथादेव परिभ्रष्टान् मृगान् निहतयूथपान्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तारा ने उन डरे हुए बंदरों को तेज़ रफ़्तार से दौड़ते हुए आते देखा। वे उन हिरणों जैसे लग रहे थे जिनके सरदार मारे गए हों और जिनकी जवानी छिन गई हो।
 
Tara saw those frightened monkeys coming running at a great speed. They looked like deer whose leaders had been killed and whose youth had been lost.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)