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ramayan 4.19.5: अंगद को घेरे हुए और उसकी रक्षा करने वाले महाबली वानर, धनुषधारी श्री रामजी को देखकर भयभीत होकर भाग गए॥5॥   |   ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  4.19.5 
ये त्वङ्गदपरीवारा वानरा हि महाबला:।
ते सकार्मुकमालोक्य रामं त्रस्ता: प्रदुद्रुवु:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
अंगद को घेरे हुए और उसकी रक्षा करने वाले महाबली वानर, धनुषधारी श्री रामजी को देखकर भयभीत होकर भाग गए॥5॥
 
The mighty monkeys who were surrounding Angada and protecting him, on seeing Sri Rama with the bow, were frightened and ran away. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)