Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.19.28: उस समय सारस के समान रोती हुई तारा और उसके साथ आए अंगद को देखकर सुग्रीव को बड़ा दुःख हुआ और वह शोक में डूब गया॥28॥ | ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय सारस के समान रोती हुई तारा और उसके साथ आए अंगद को देखकर सुग्रीव को बड़ा दुःख हुआ और वह शोक में डूब गया॥28॥
At that time Sugreeva felt very sad on seeing Tara crying like a crane and Angada who had come with her. He was drowned in sorrow.॥28॥
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे एकोनविंश: सर्ग: ॥ १ ९॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके क ि ष्किन्धाकाण्डमें उन्नीसवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥