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ramayan 4.19.26: उन सबको पार करके वह अपने पति के पास पहुँची जो युद्धभूमि में घायल पड़े थे। उन्हें देखकर उसके हृदय में बड़ी पीड़ा हुई और वह अत्यन्त व्याकुल होकर भूमि पर गिर पड़ी॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.19.26 
तानतीत्य समासाद्य भर्तारं निहतं रणे।
समीक्ष्य व्यथिता भूमौ सम्भ्रान्ता निपपात ह॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उन सबको पार करके वह अपने पति के पास पहुँची जो युद्धभूमि में घायल पड़े थे। उन्हें देखकर उसके हृदय में बड़ी पीड़ा हुई और वह अत्यन्त व्याकुल होकर भूमि पर गिर पड़ी॥ 26॥
 
After crossing all of them she reached her husband who was lying wounded on the battlefield. On seeing him she felt great pain in her heart and fell on the ground in extreme distress.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)