Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.19.2: पत्थरों के प्रहार से उसके अंग टूट गए थे। वृक्षों के प्रहार से भी वह बुरी तरह घायल हो गया था और श्री राम के बाण के प्रहार से वह अपने जीवन के अंतिम चरण में पहुँच गया था। उस समय वह अचेत हो गया था॥2॥ | ramayan सर्ग 4.19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पत्थरों के प्रहार से उसके अंग टूट गए थे। वृक्षों के प्रहार से भी वह बुरी तरह घायल हो गया था और श्री राम के बाण के प्रहार से वह अपने जीवन के अंतिम चरण में पहुँच गया था। उस समय वह अचेत हो गया था॥2॥
His limbs were broken due to the blows of stones. He was also badly injured due to the blows of trees and he had reached the last stage of his life due to the attack of Shri Ram's arrow. At that time he became unconscious.॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥