श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 19: अङ्गद सहित तारा का भागे हुए वानरों से बात करके वाली के समीप आना और उसकी दुर्दशा देखकर रोना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.19.13 
अभिभूतमिदं सर्वं विद्रुतं वानरं बलम्।
अस्मिन् प्लवगशार्दूले हते शक्रसमप्रभे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र के समान तेजस्वी इस श्रेष्ठ वानर के मारे जाने पर सारी वानर सेना श्री राम से हारी हुई जान कर भाग गई है॥13॥
 
After the killing of this best of the monkeys, whose brilliance was like that of Indra, the entire monkey army felt defeated by Shri Ram and has fled.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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