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ramayan 4.12.9: ककुत्स्थ! युद्ध के मैदान में तुम्हारे सामने कौन खड़ा हो सकता है, जिसने एक ही बाण से सात विशाल शाल वृक्षों, एक पर्वत और पृथ्वी को बींध डाला है?   |   ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.12.9 
येन सप्त महासाला गिरिर्भूमिश्च दारिता:।
बाणेनैकेन काकुत्स्थ स्थाता ते को रणाग्रत:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
ककुत्स्थ! युद्ध के मैदान में तुम्हारे सामने कौन खड़ा हो सकता है, जिसने एक ही बाण से सात विशाल शाल वृक्षों, एक पर्वत और पृथ्वी को बींध डाला है?
 
Kakutstha! Who can stand before you on the brink of battle, who has pierced seven huge sal trees, a mountain and the earth with a single arrow?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)