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ramayan 4.12.15: सुग्रीव ने कमर में लंगोटी बाँधी और वालि को बुलाने के लिए भयंकर गर्जना की। ऐसा प्रतीत हुआ मानो वह अपनी गर्जना से आकाश को फाड़ रहा हो।   |   ramayan सर्ग 4.12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 12: सुग्रीव का किष्किन्धा में आकर वाली को ललकारना और युद्ध में पराजित होना, वहाँ श्रीराम का पहचान के लिये गजपुष्पीलता डालकर उन्हें पुनः युद्ध के लिये भेजना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.12.15 
सुग्रीवोऽप्यनदद् घोरं वालिनो ह्वानकारणात्।
गाढं परिहितो वेगान्नादैर्भिन्दन्निवाम्बरम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव ने कमर में लंगोटी बाँधी और वालि को बुलाने के लिए भयंकर गर्जना की। ऐसा प्रतीत हुआ मानो वह अपनी गर्जना से आकाश को फाड़ रहा हो।
 
Sugreeva girded his waist with his loincloth and roared terribly to call Vali. It seemed as if he was tearing the sky apart with his roar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)