श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  4.1.78 
चिरिबिल्वा मधूकाश्च वञ्जुला बकुलास्तथा।
चम्पकास्तिलकाश्चैव नागवृक्षाश्च पुष्पिता:॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
'चिर्रिबिल्वा (चिलबिल), महुआ, बेंत, मौलसिरी, चंपा, तिलक और नागकेसर भी खिले हुए नजर आते हैं।
 
‘Chirribilva (Chilbil), Mahua, Cane, Maulsiri, Champa, Tilak and Nagkesar are also seen blooming.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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