श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  4.1.76 
पम्पातीररुहाश्चेमे संसिक्ता मधुगन्धिन:।
मालतीमल्लिकापद्मकरवीराश्च पुष्पिता:॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
'पम्पा के तट पर उगे ये वृक्ष उसके जल से सिंचित होकर बड़े हुए हैं और मधुर रस तथा सुगन्ध से परिपूर्ण हैं। इनके नाम मालती, मल्लिका, पद्मा और करवीर हैं। ये सभी पुष्पों से सुशोभित हैं॥ 76॥
 
‘These trees that grew on the banks of the Pampa have grown by being anointed by its water and are filled with sweet nectar and fragrance. Their names are Malati, Mallika, Padma and Karveer. All of them are adorned with flowers.॥ 76॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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