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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड
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सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना
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श्लोक 73
श्लोक
4.1.73
सौमित्रे पश्य पम्पाया दक्षिणे गिरिसानुषु।
पुष्पितां कर्णिकारस्य यष्टिं परमशोभिताम्॥ ७३॥
अनुवाद
सुमित्रानंदन! देखो, पम्पा के दक्षिणी भाग में पर्वत शिखरों पर खिले हुए ओलियंडर वृक्षों की शाखाएँ कितनी सुन्दर लग रही हैं।
Sumitra Nandan! Look there, how beautifully the branches of oleander trees blooming on the mountain peaks in the southern part of Pampa look. 73.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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