श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  4.1.21 
सुपुष्पितांस्तु पश्यैतान् कर्णिकारान् समन्तत:।
हाटकप्रतिसंछन्नान् नरान् पीताम्बरानिव॥ २१॥
 
 
अनुवाद
देखो! ये कनेर के वृक्ष, चारों ओर सुन्दर पुष्पों से भरे हुए, स्वर्ण-आभूषणों से विभूषित और पीत वस्त्र धारण किए हुए मनुष्यों के समान प्रतीत होते हैं॥ 21॥
 
‘Look! These oleander trees, filled with beautiful flowers all around, look like human beings adorned with golden ornaments and clad in yellow clothes.॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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