श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 1: पम्पासरोवर के दर्शन से श्रीराम की व्याकुलता, दोनों भाइयों को ऋष्यमूक की ओर आते देख सुग्रीव तथा अन्य वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.1.19 
गिरिप्रस्थेषु रम्येषु पुष्पवद्भिर्मनोरमै:।
संसक्तशिखरा: शैला विराजन्ति महाद्रुमै:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'वे पर्वत, जिनकी पृष्ठभूमि पुष्पों से भरी हुई है और जिनके शिखर मन को मोह लेने वाले विशाल वृक्षों से सुशोभित हैं, अत्यंत सुन्दर दिख रहे हैं॥19॥
 
‘The mountains, with their beautiful backdrops full of flowers and their peaks adorned with huge trees that entice the mind, are looking extremely beautiful.॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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