Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.9.8: महाबाहो! जिन्होंने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है, वे सदैव सत्य और धर्म का पूर्णतः पालन कर सकते हैं। हे शुभ महापुरुष! मैं आपके इन्द्रिय-संयम को भली-भाँति जानता हूँ (इसलिए मुझे विश्वास है कि आपमें उपर्युक्त दोनों दोष कभी नहीं हो सकते)।॥8॥ | ramayan सर्ग 3.9: सीता का श्रीराम से निरपराध प्राणियों को न मारने और अहिंसा-धर्म का पालन करने के लिये अनुरोध । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहो! जिन्होंने अपनी इन्द्रियों को वश में कर लिया है, वे सदैव सत्य और धर्म का पूर्णतः पालन कर सकते हैं। हे शुभ महापुरुष! मैं आपके इन्द्रिय-संयम को भली-भाँति जानता हूँ (इसलिए मुझे विश्वास है कि आपमें उपर्युक्त दोनों दोष कभी नहीं हो सकते)।॥8॥
‘Mahabaho! Those who have controlled their senses can always follow truth and religion completely. O auspicious great man! I know very well about your control of senses (that is why I am sure that the above mentioned two defects can never exist in you).॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥