श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 9: सीता का श्रीराम से निरपराध प्राणियों को न मारने और अहिंसा-धर्म का पालन करने के लिये अनुरोध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.9.13 
नहि मे रोचते वीर गमनं दण्डकान् प्रति।
कारणं तत्र वक्ष्यामि वदन्त्या: श्रूयतां मम॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वीर! इस समय तुम्हारा दण्डकारण्य में जाना मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। मैं तुम्हें इसका कारण बताता हूँ, कृपया उसे मुझसे सुनो॥13॥
 
‘Veer! I don't like your going to Dandakaranya at this time. I am telling you the reason for this; please listen to it from me.॥ 13॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd