Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.74.6: शबरी एक उत्तम तपस्विनी थी। दोनों भाइयों को आश्रम में आते देख वह हाथ जोड़कर खड़ी हो गई और बुद्धिमान श्री राम और लक्ष्मण के चरणों में प्रणाम किया। | ramayan सर्ग 3.74: श्रीराम और लक्ष्मण का पम्पासरोवर के तट पर मतङ्गवन में शबरी के आश्रम पर जाना, शबरी का अपने शरीर की आहुति दे दिव्यधाम को प्रस्थान करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शबरी एक उत्तम तपस्विनी थी। दोनों भाइयों को आश्रम में आते देख वह हाथ जोड़कर खड़ी हो गई और बुद्धिमान श्री राम और लक्ष्मण के चरणों में प्रणाम किया।
Shabari was a perfect ascetic. Seeing the two brothers coming to the hermitage, she stood with folded hands and bowed down to the feet of the wise Shri Ram and Lakshman.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥