Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.74.28: हे प्रभु! आपने सारा वन देख लिया है और इस स्थान के विषय में जो कुछ सुनने योग्य है, वह सब सुन लिया है। अब मैं आपकी अनुमति लेकर इस शरीर का त्याग करना चाहता हूँ॥ 28॥ | ramayan सर्ग 3.74: श्रीराम और लक्ष्मण का पम्पासरोवर के तट पर मतङ्गवन में शबरी के आश्रम पर जाना, शबरी का अपने शरीर की आहुति दे दिव्यधाम को प्रस्थान करना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! आपने सारा वन देख लिया है और इस स्थान के विषय में जो कुछ सुनने योग्य है, वह सब सुन लिया है। अब मैं आपकी अनुमति लेकर इस शरीर का त्याग करना चाहता हूँ॥ 28॥
Lord! You have seen the whole forest and heard all that was worth hearing about this place. Now I want to take your permission and give up this body.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥