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श्लोक 3.74.12  |
अद्य मे सफलं तप्तं स्वर्गश्चैव भविष्यति।
त्वयि देववरे राम पूजिते पुरुषर्षभ॥ १२॥ |
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| अनुवाद |
| हे महापुरुष श्री राम! यहाँ आपका सम्मान हुआ है और मेरी तपस्या सफल हुई है और अब मैं अवश्य ही आपके दिव्य धाम को प्राप्त करूँगा॥ 12॥ |
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| O great man, Shri Ram! You have been honoured here, and my austerities have been successful and now I will surely attain your divine abode.॥ 12॥ |
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