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श्लोक 3.74.1  |
तौ कबन्धेन तं मार्गं पम्पाया दर्शितं वने।
आतस्थतुर्दिशं गृह्य प्रतीचीं नृवरात्मजौ॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् राजकुमार राम और लक्ष्मण कबन्ध द्वारा बताए गए पम्पासरोवर के मार्ग से पश्चिम की ओर चले॥1॥ |
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| Thereafter Prince Rama and Lakshmana took the route to Pampasarovar shown by Kabandha and proceeded towards the west.॥ 1॥ |
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