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श्लोक 3.72.19  |
कृतज्ञ: कामरूपी च सहायार्थी च वीर्यवान्।
शक्तौ ह्यद्य युवां कर्तुं कार्यं तस्य चिकीर्षितम्॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| वह अपनी इच्छानुसार रूप धारण करने में समर्थ है, शक्तिशाली और कृतज्ञ है तथा इस समय स्वयं किसी सहायक की खोज में है। तुम दोनों भाई उसका अभीष्ट कार्य सिद्ध करने में समर्थ हो।॥19॥ |
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| ‘He is capable of assuming any form as per his wish, is powerful and grateful and at present he is himself looking for a helper. You two brothers are capable of accomplishing his desired task.॥ 19॥ |
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