श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 7: सीता और भ्राता सहित श्रीराम का सुतीक्ष्ण के आश्रम पर जाकर उनसे बातचीत करना तथा उनसे सत्कृत हो रात में वहीं ठहरना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.7.11 
उपागम्य च मे देवो महादेव: सुरेश्वर:।
सर्वांल्लोकाञ्जितानाह मम पुण्येन कर्मणा॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वे महान् देवराज इन्द्र मेरे पास आये और बोले - "अपने पुण्य कर्मों से तुमने समस्त शुभ लोकों को जीत लिया है।" ॥11॥
 
'That great deity, Lord Indra, came to me and said, "By your pious deeds, you have conquered all the auspicious worlds." ॥11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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