तथारूपां हि वैदेहीं न दास्यन्ति यदि प्रियाम्॥ ७०॥
नाशयामि जगत् सर्वं त्रैलोक्यं सचराचरम्।
यावद् दर्शनमस्या वै तापयामि च सायकै:॥ ७१॥
अनुवाद
यदि वे मेरी प्रिय विदेहराजकुमारी को उसके मूल रूप में मुझे नहीं लौटाएँगे, तो मैं समस्त त्रिलोकी को, जिसमें समस्त जीव-जंतु भी सम्मिलित हैं, नष्ट कर दूँगा। जब तक मैं सीता को न देख लूँ, तब तक मैं अपने बाणों से समस्त जगत् को पीड़ा पहुँचाता रहूँगा।॥70-71॥
'If they do not return my beloved princess of Videha to me in her original form, I will destroy the entire Triloki including all living and non-living creatures. Until I see Sita, I will continue tormenting the entire world with my arrows.'॥ 70-71॥