श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 6: वानप्रस्थ मुनियों का राक्षसों के अत्याचार से अपनी रक्षा के लिये श्रीरामचन्द्रजी से प्रार्थना करना और श्रीराम का उन्हें आश्वासन दे  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.6.14 
यत् करोति परं धर्मं मुनिर्मूलफलाशन:।
तत्र राज्ञश्चतुर्भाग: प्रजा धर्मेण रक्षत:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'राजा के राज्य में जो मुनि मूल-फल खाता है और उत्तम धर्म का आचरण करता है, उसका एक चौथाई भाग उस राजा को मिलता है जो धर्मानुसार अपनी प्रजा की रक्षा करता है ॥14॥
 
'In the kingdom of a king, a sage who eats roots and fruits and practices the best religion, one fourth of it goes to the king who protects his subjects in accordance with the religion. ॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd