श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 56: सीता का श्रीराम के प्रति अपना अनन्य अनुराग दिखाकर रावण को फटकारना तथा रावण की आज्ञा से राक्षसियों का उन्हें अशोकवाटिका में ले जाकर डराना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.56.9 
स ते जीवितशेषस्य राघवोऽन्तकरो बली।
पशोर्यूपगतस्येव जीवितं तव दुर्लभम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'श्री रघुनाथजी बड़े शक्तिशाली हैं। वे तुम्हारे शेष जीवन का अंत कर देंगे। तुम्हारा जीवन यूप से बंधे हुए पशु के समान दुर्लभ हो जाएगा।॥9॥
 
'Sri Raghunathji is very powerful. He will put an end to the rest of your life. Your life will become rare like an animal tied to a yupa.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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