या च वक्ष्यति वैदेहीं वचनं किंचिदप्रियम्॥ १६॥
अज्ञानाद् यदि वा ज्ञानान्न तस्या जीवितं प्रियम्।
अनुवाद
'तुममें से जो कोई भी व्यक्ति जाने-अनजाने में विदेह राजकुमारी सीता को कुछ भी अप्रिय कहेगा, मैं समझूँगा कि उसे अपना प्राण प्रिय नहीं है।'॥16 1/2॥
'Whoever amongst you knowingly or unknowingly says anything unpleasant to Videha Princess Sita, I will understand that he/she does not love his/her life.'॥ 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥