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ramayan 3.52.31: जो सीता अपने तेज से आकाश में विशाल उल्का के समान चमक रही थीं, उन्हें रावण ने वायु मार्ग का सहारा लेकर हरण कर लिया ॥31॥   |   ramayan सर्ग 3.52: रावण द्वारा सीता का अपहरण   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 52: रावण द्वारा सीता का अपहरण  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.52.31 
तां महोल्कामिवाकाशे दीप्यमानां स्वतेजसा।
जहाराकाशमाविश्य सीतां वैश्रवणानुज:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जो सीता अपने तेज से आकाश में विशाल उल्का के समान चमक रही थीं, उन्हें रावण ने वायु मार्ग का सहारा लेकर हरण कर लिया ॥31॥
 
Sita, who was shining like a huge meteor in the sky with her brilliance, was abducted by Ravana taking recourse to the air route. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)