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श्लोक  3.52.25 
तस्या भूषणघोषेण वैदेह्या राक्षसेश्वर:।
बभूव विमलो नील: सघोष इव तोयद:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
विदेहनन्दिनी के आभूषणों की झनकार से गर्जना करता हुआ राक्षसराज रावण स्वच्छ नीले बादल के समान प्रकट हुआ। 25.
 
Due to the tinkling sound of Videhanandini's ornaments, the roaring demon king Ravana appeared like a clear blue cloud. 25.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)