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ramayan 3.50.23: 'रावण! यदि तुम वीर हो तो युद्ध करो। मेरे सामने दो क्षण रुको; फिर जैसे पहले खर मारा गया था, वैसे ही तुम भी मेरे द्वारा मारे जाओगे और सदा के लिए सो जाओगे॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 3.50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना   ।   ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.50.23 
युध्यस्व यदि शूरोऽसि मुहूर्तं तिष्ठ रावण।
शयिष्यसे हतो भूमौ यथा पूर्वं खरस्तथा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
'रावण! यदि तुम वीर हो तो युद्ध करो। मेरे सामने दो क्षण रुको; फिर जैसे पहले खर मारा गया था, वैसे ही तुम भी मेरे द्वारा मारे जाओगे और सदा के लिए सो जाओगे॥ 23॥
 
'Ravana! If you are a brave man then fight. Wait for two moments in front of me; then just like Khar was killed earlier, you too will be killed by me and will go to sleep forever.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)