Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 3.50.1: जटायु उस समय सो रहे थे। उसी अवस्था में उन्होंने सीता का करुण क्रंदन सुना। यह सुनकर उन्होंने तुरंत अपनी आँखें खोलीं और विदेहनंदिनी सीता और रावण को देखा। | ramayan सर्ग 3.50: जटायु का रावण को सीताहरण के दुष्कर्म से निवृत्त होने के लिये समझाना और अन्त में युद्ध के लिये ललकारना । ramayan काण्ड 3: अरण्य काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जटायु उस समय सो रहे थे। उसी अवस्था में उन्होंने सीता का करुण क्रंदन सुना। यह सुनकर उन्होंने तुरंत अपनी आँखें खोलीं और विदेहनंदिनी सीता और रावण को देखा।
Jatayu was sleeping at that time. In that state, he heard Sita's pitiful cry. On hearing it, he immediately opened his eyes and saw Videhanandini Sita and Ravana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥