श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 3: अरण्य काण्ड  »  सर्ग 5: श्रीराम, लक्ष्मण और सीता का शरभङ्ग मुनि के आश्रम पर जाना, देवताओं का दर्शन करना और मुनि से सम्मानित होना तथा शरभङ्ग मुनि का ब्रह्मलोक-गमन  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  3.5.35 
इह राम महातेजा: सुतीक्ष्णो नाम धार्मिक:।
वसत्यरण्ये नियत: स ते श्रेयो विधास्यति॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
'श्रीराम! इस वन से थोड़ी दूर पर महापुरुष सुतीक्ष्ण मुनि निवास करते हैं। वे आपके कल्याण का ध्यान रखेंगे (आपके लिए आवास आदि की व्यवस्था करेंगे)॥ 35॥
 
'Shri Ram! A little distance away from this forest resides the great and virtuous sage Sutikshna. He will take care of your welfare (arrange accommodation etc. for you).॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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